Jugal Naam So Nem Japata Nit Kunjbihari जुगल नाम सौं नैम जपत नित कुंज बिहारी

स्वामी श्री नाभाजी कृत पद :
रसिक चक्रचूडामणि मुख्य सखी श्री ललिता जी के अवतार अनन्य नृपति श्री स्वामी हरिदास जी महाराज के संदर्ब मैं ये पद
जुगल नाम सौं नैम जपत नित कुंज बिहारी॥
अविंलोकित रहैं केलि सखी सुख को अधिकारी॥
गान कला गंधर्व श्याम श्यामा को तोषें॥
उत्तम भोग लगाय मोर मरकट तिमि पोषें॥
नृपति द्वार ठाड़े रहें दरशन आशा जासकी॥
आशधीर उद्योत कर रसिक छाप हरिदास की॥

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