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श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर

श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर

श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर भारत के ह्रधेय मध्य प्रदेश के चोली ग्राम मे प्रतिष्ठि है. यह अतयंत प्राचीन मंदिर है और कहा जाता है के यह मंदिर चोली ग्राम के स्थापना के साथ ही बनाया गया था. मंदिर के देख रेख ग्राम के ठाकुर छत्रिय समाज के लोगो द्वारा की जाती है। मंदिर के सात सामज की धर्म शाला भी है जो धार्मिक और सामाजिक कार्य के लिए उपयोग की जाती है।

विग्रह

श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर के विग्रह

मंदिर में श्री राधा जी, श्री बिहारी जी और श्री ललिता जी के अत्यंत सुन्दर और मोहित कर देने वाले विग्रह हैं। श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर का गर्भगृह प्राचीन मंदिर कला से निर्मित किया गया था।

Shri Radha Vinod Biharji of Gram Choli, Mandleshwar, Madhya Pradesh

Shri Radha Vinod Biharji of Gram Choli, Mandleshwar, Madhya Pradesh

श्री राधा विनोद बिहारी जी का सृंगार रसिक संतो के द्वारा बताये गयी विधि के ही अनुसार किया जाता है, सृंगार की विधि श्री स्वामी हरिदास महाराजी के परंपरा अनुसार की जाती है.

श्री राधा जी, श्री ठाकुर जी और श्री ललिता जी का सृंगार इतना मनमोहक होता है की दर्शन को आने वाले भक्त मोहित हो जाते है और बार बार दर्शन के लिए लालायित रहते है ।

सच्चे साधक को यहाँ पर वृन्दावन जैसा अनुभव होता है और आत्मिक  शांति मिलती है । शरद पूर्णिमा को विशेष श्रृंगार किया जाता है और ठाकुर जी के चरण दर्शन भी होते है । मंदिर में स्थापित स्वामी श्री हरी दास जी का विग्रह भी रसिक संतो की तरह ही किया जाता है. विग्रह इतना सजीव लगता है की भक्तो को स्वामी जी साक्षात दर्शन दे रहे हो ।

मौसम के अनुसार श्रृंगार आरती , मंगला आरती और शयन आरती होती है । प्रतिदिन प्रातः और रात को कीर्तन होते है । श्री राधा विनोद बिहारी जी को शयन के पद गा कर ही विश्राम करवाया जाता है |

नवनिर्माण

नवनिर्माण

श्री राधा विनोद बिहारी मंदिर बहुत प्राचीन होने से मंदिर के नव निर्माण की आवश्कयता थी अतः समाज और वृंदावन के परम पूज्य श्री अलबेलीशरण महाराज जी के पथ प्रधर्शन से मंदिर का नवनिर्माण किया गया।

Rasik Shiromani Swami Haridas Ji

Rasik Shiromani Swami Haridas Ji

सन २०१५ मे मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ. नए मंदिर मे ३ गर्भ गृह का निर्माण किया गया , मुख्य गर्भ गृह मे श्री राधा जी ,श्री बिहारी जी और श्री ललिता जी के विग्रह स्थापित किये गए. दूसरे मे श्री स्वामीजी रसिक शिरोमणि श्री हरी दस जी का विग्रह स्थापित किया गया। तीसरे मे अष्ट सखियो के चित्र स्थापित किये गए हैं।

मंदिर निर्माण मे हर समाज और वर्ग के लोगो ने उत्साह पूर्वक सहयोग दिया।

वृन्दावन , महेश्वर , मंडलेश्वर , इंदौर , चोली और आस पास के बहुत से संतो और भक्तो के उपस्थिति मे मंदिर मे विग्रह की पुनः स्थापन की गयी। १० -१२ दिन के स्थापना उत्सव मे रासलीला , गौर हरी लीला , भक्त माल , महाप्रसादी , रथ यात्रा के कार्य क्रम आयोजित किये गए।

श्री स्वामीजी का विग्रह अत्यंत सूंदर और सरल है, विग्रह का सृंगार वृन्दावन के रसिक संतो जैसा ही किया जाता है. सफ़ेद वस्त्रो के साथ हरिदास सम्प्रदाय की गुदरी , करुवा, काष्ठ , विणा अलंकृत किये गए है ।

स्वामीजी का विग्रह पद गायन की मुद्रा मे है , ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वामीजी आपने इष्ठ श्री श्यामा श्याम के ध्यान मै निमगन है ।

स्वामी जी सम्प्रदाय के पद , मंत्र और परम्परा का चोली वासी अत्यंत श्रद्धा के साथ पालन करते है , स्वामीजी के कृपा से बहुत से भक्त पद गायन कला में निपुण हो गए है|

दैनिक दिनचर्या

दैनिक दिनचर्या

श्री अलबेलीशरण और गोरीलाल जी कुञ्ज के महंत श्री किशोरी दस जी महाराज के बताये गए दैनिक दिनचर्या के अनुसार मंदिर के विग्रहो की पूजा , आरती और मंदिर के दैनिक कार्यकर्म निर्धारित किये गए।

Shri Kishori Das Ji Maharaj and Shri Albelisharan Maharaj Ji

Shri Kishori Das Ji Maharaj and Shri Albelisharan Maharaj Ji

मंदिर से प्रातः ४ बजे से प्रभातफेरी निकाली जाती है , प्रभातफेरी का समूह पुरे ग्राम मे मंत्रो और कीर्तनो का गान करते हुए मंदिर आते हैं।

प्रातः ग्राम से भक्त जन आकर मंदिर मे कीर्तन करते है. कीर्तन के साथ मंदिर मे संत और पंडित जी भगवान को सनान और सृगंर करते है और ६-७ बजे टेक मंदिर के पट खुल जाते हैं।

पट खुलने के बाद भगवान की आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।

१० बजे तक पट बंद हो जाते हैं, फिर मुख्य भोग के लिए पट खुलते हैं।

संध्या आरती के बाद रात १२ बजे तक कीर्तन होते हैं, उसके बाद आरती के बाद पट बंद हो जाते हैं।

Shri Radha Vinod Bihari Temple

Shri Radha Vinod Bihari Temple

श्री राधा विनोद बिहारी जी मंदिर चोली ग्राम के मध्य मे है , नव निर्मित मंदिर में संगमरमर का उपयोग किया गया है।

मंदिर पहुचने का मार्ग मुख्य बस स्टैंड से बिलकुल सीधा है २०० – ३०० मीटर की दुरी पर ।

मंदिर नव निर्माण के बाद एक अत्यंत ही आश्चर्यजनक अनुभव यहाँ के दर्शन को आने वाले भक्तो को हुआ है , यह अनुभव वैसा ही है जैसा बृजमंडल में रमन रेती में होता है , यहाँ मंदिर परिसर में लोट लगाने पर भक्त अपने आप ही लौटने लगता है ।

चोली ग्राम जाने के लिए इंदौर से बहुत बस द्वारा आया जा सकता है , निजी वाहन द्वारा भी आया जा सकता है , इंदौर से निजी वाहन द्वारा २ घण्टे का सफर है और बस द्वारा ३-४ घण्टे का सफर है ।

Shri Gouri Somnath Mandir of Choli

Shri Gouri Somnath Mandir of Choli

चोली ग्राम मै और भी प्राचीन मंदिर है , जो अपने आप मे अनूठे है , जैसे ११ फ़ीट के गोरी सोमनाथ महादेव और १० फ़ीट के विशाल मनकामनेश्वर गणपति जी और अत्यंत मनोहर गांव का तालाब।

Gram Choli Talab

Gram Choli Talab

चोली ग्राम का पास भी दर्शनीय स्थल है जैसे माँ नर्मदा , महेश्वर , मंडलेश्वर , वॉवचु पॉइंट्स ।